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मध्‍यस्‍थों हेतु विज्ञापन

.इन कंट्री कोड टॉप लेवल डोमेन (ccTLD) के अंतर्गत विवादों हेतु मध्‍यस्‍थों की रुचि कीअभिव्‍यक्ति।
नेशनल इंटरनेट एक्‍सचेंज ऑफ इंडिया (NIXI) का गठन भारत में इंटरनेट सेवा प्रदाताओं द्वारा देश के भीतर घरेलू इंटरनेट ट्रैफिक के आदान-प्रदान में सहायतार्थ किया गया है। निक्‍सी को भारत सरकार द्वारा .इन कंट्री कोड टॉप लेवल डोमेन (ccTLD) रजिस्‍ट्री की स्‍थापना का दायित्‍व भी सौंपा गया है। निक्‍सी की .इन डोमेन स्‍पेस को गति प्रदान करने और .इन पंजीकरणों को बढ़ाने की महत्‍वाकांक्षी योजनाएं हैं।
निक्‍सी इच्‍छुक पक्षों जो .इन रजिस्‍ट्री हेतु मध्‍यस्‍थ के रूप में आवेदन करना चाहते हैं और जिनके पास पात्रता मानदंडों के अनुसार प्रमाणित विशेषज्ञता होती है, से प्रस्‍ताव आमंत्रित करता है (विस्‍तृत विवरण हेतु कृपया www.nixi.in और www.registry.in देखें)। चयनित पक्ष .इन रजिस्‍ट्री हेतु प्राधिकृत मध्‍यस्‍थ के रूप में कार्य करेंगे। यह एक सतत प्रक्रिया होगी। निक्‍सी को प्रस्‍ताव निम्‍न पते पर भेजे जाएं :
.इन रजिस्‍ट्री
द्वारा निक्‍सी (नेशनल इंटरनेट एक्‍सचेंज ऑफ इंडिया)
पंजीकृत कार्यालय : इनक्‍यूबे बिजनेस सेंटर, पांचवां तल
18, नेहरु प्‍लेस
नई दिल्‍ली – 110019
भारत
दूरभाष : + 91 11 3061 4624 / 4625 फैक्‍स : + 91 11 3061 4629
ई-मेल : registry@nixi.in
Website: www.nixi.in

आवश्‍यकताओं संबंधी ब्‍योरा
1. पृष्‍ठभूमि
संचार, शासन, शिक्षा और वाणिज्‍य हेतु प्रभावी माध्‍यम के रूप में इंटरनेट के बढ़ते प्रयोग से वर्तमान समय में इंटरनेट डोमेन नामों का महत्‍व बढ़ गया है। इंटरनेट डोमेन नाम के पंजीकरण की प्रणाली से देश में इंटरनेट के विस्‍तार में सहायता मिल सकती है। इसलिए, कई देशों ने अपने कंट्री कोड (देश कोड) के अंतर्गत बड़ी संख्‍या में डोमेन नाम पंजीकृत कराने के लिए उदार और बाजार अनुकूल नीतियां अपनाई हैं जो व्‍यापक रूप से डोमेन पंजीकरण की वैश्विक रूप से स्‍वीकृत नीति और प्रक्रियाओं के अनुसार है।
.इन डोमेन नामों के व्‍यापक विस्‍तार के लिए एक नई .इन डोमेन नाम नीतिगत रूपरेखा और कार्यान्‍वयन योजना तैयार की गई है और सरकार द्वारा नीति की घोषणा अक्‍तूबर 2004 में की गई थी। नीति का उद्देश्‍य विद्यमान प्रक्रियाओं में प्रतिबंधों को हटाना है जो उदार, तीव्र तथा बाजार - अनुकूल दृष्टिकोण में बाधा डाल रही हैं ताकि बड़ी संख्‍या में .इन डोमेन नाम पंजीकृत किए जा सकें। जनवरी 2005 में, मंत्रालय और नेशनल इंटरनेट एक्‍सचेंज ऑफ इंडिया (निक्‍सी) ने अत्‍याधुनिक हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की स्‍थापना का महत्‍वपूर्ण कदम उठाया और .इन कंट्री कोड टॉप लेवल डोमेन (सीसीटीएलडी) को पुन: आरंभ किया। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा निक्‍सी को बढ़ावा दिया गया है जिसमें भारतीय इंटरनेट सेवा प्रदाता संघ (ISPAI जो कि देश में बेहतर इंटरनेट सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्‍य से भारतीय कंपनी अधिनियम, 1956 की धारा 25 के अंतर्गत गठित कंपनी है जो लाभ प्राप्‍त करने हेतु नहीं है) ने सहयोग दिया है। पंजीकरण की संपूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन है। .इन रजिस्‍ट्री के आरंभ होने से डोमेन नामों की उपलब्‍धता में सुधार आया है और इनमें बढ़ोतरी हुई है। जनवरी और सितंबर 2005 के बीच .इन डोमेन्‍स का पंजीकरण 6,500 नामों से बढ़कर 130,000 हुआ है।
वर्तमान में, विश्‍वभर में उपभोक्‍ताओं को .इन डोमेन नाम पंजीकरण प्रदान करने हेतु 35 से भी अधिक रजिस्‍ट्रार प्रत्‍यायित हैं। सरकार देवनागरी और द्रविडियन लिपि में बहुभाषिक डोमेन नाम जिन्‍हें अंतरराष्‍ट्रीयकृत डोमेन नाम (आईडीएन) कहा जाता है, तैयार कर रही है। .इन डोमेन्‍स से संबंधित डोमेन नाम विवादों के निपटान हेतु निक्‍सी ने .इनडीआरपी (.इन डोमेन नाम विवाद के निपटान नीति) नामक विवाद निपटान तंत्र विकसित किया है जो कि भारतीय माध्‍यस्‍थम और सुलह अधिनियम 1996 तथा ICANN की समान विवाद निपटान नीति के अंतर्गत दिए गए सिद्धांतों पर आधारित है।
.इन डोमेन नाम विवाद निपटान नीति और प्रक्रियाएं Dispute Resolution में दी गई हैं।
.इनडीआरपी के अनुसरण में निक्‍सी ने मध्‍यस्‍थों का एक पैनल नियुक्‍त करने का प्रस्‍ताव किया है। तदनुसार निक्‍सी उन संभावित उम्‍मीदवारों से आवेदन आमंत्रित करता है जो .इन डोमेन नाम विवाद निपटान नीति और प्रक्रियाओं के अनुसार मध्‍यस्‍थ के रूप में कार्य करने के इच्‍छुक होते हैं तथा जो निम्‍नवत् पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं।
2. पात्रता मानदंड
2.1 भारतीय मूल का होना
पैनल में शामिल उम्‍मीदवार भारत का नागरिक होना चाहिए। उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए। वेधन शोधन अक्षम / दिवालिया भी नहीं होने चा‍हिए।
2.2 अनुभव
संभावित उम्‍मीदवार को कानून और / अथवा सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अनुभव होना चाहिए, अत्‍यधिक प्रोफेशनल (व्‍यावसायिक) होना चाहिए तथा स्‍वतंत्र और निष्‍पक्ष निर्णय देने में सक्षम होना चाहिए।
इच्‍छुक उम्‍मीदवारों को आवेदन करना अपेक्षित है जिसमें निम्‍न शामिल हो :

  • नाम व संपर्क पते का ब्‍यौरा
  • शैक्षणिक पृष्‍ठभूमि
  • वर्तमान और पूर्व व्‍यावसायिक अनुभव
  • व्‍यावसायिक संगठनों और संघों की सदस्‍यता, यदि कोई हो तो।
  • क्‍या किसी आपराधिक मामले में संलिप्‍त हैं; यदि हां तो तत्‍संबंधी ब्‍यौरा दें।
  • आवेदन के समर्थन में कोई अतिरिक्‍त जानकारी।
  • अपेक्षित दस्‍तावेज : आवेदन के समर्थन में सभी दस्‍तावेज यथा फोटो आई कार्ड, शैक्षणिक योग्‍यता, व्‍यावसायिक योग्‍यता संबंधी प्रमाण पत्रों इत्‍यादि की प्रति आवेदन के साथ भेजी जाए।

अन्‍य सूचना
चयनित पैनल-उम्‍मीदवार को स्‍वीकार्यता और निष्‍पक्षता एवं स्‍वतंत्रता की घोषणा संबंधी पत्र जमा करना होगा।
निक्‍सी के पास अधिकार है कि वह बिना कोई कारण बताए केवल अपने विवेकाधिकार से किसी भी आवेदन को निरस्‍त कर सकता है अथवा किसी भी पैनल-उम्‍मीदवार की सेवाओं को समाप्‍त कर सकता है।
चयनित उम्‍मीदवारों का नाम व विवरण http://www.registry.in/ पर प्रदर्शित की जाएगी।