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पंजीकरण कराने वालों द्वारा बार बार पूछे जाने वाले प्रश्‍न

.IN रजिस्‍ट्री में यह भी आरंभ किया गया है।

पंजीकरण कराने वालों के लिए शर्तें और निबंधन
(पीडीए फॉर्मेट)।  कृपया ध्‍यान दें कि .IN डोमेन नाम के पंजीकरण कराने वाले व्‍यक्ति इन शर्तों और निबंधनों का पालन करने के लिए बाध्‍य हैं, जिन्‍हें .IN Registry द्वारा समय-समय पर संशोधित किया जाता है।

डोमेन नेम ट्रांसफर

बार बार पूछे जाने वाले इन प्रश्‍नों में बताया गया है कि आप एक पंजीयक से डोमेन नेम को दूसरे स्‍थान पर इस प्रकार भेज सकते हैं।

मैं अपने डोमेन के रिकॉर्ड पर अपडेट कैसे करुं?

इसमें बदलाव करने के लिए आपको अपने रजिस्‍ट्रार के पास एक अनुरोध भेजना होगा जो .IN रजिस्‍ट्री के माध्‍यम से अनुरोध भेजेंगे। निक्‍सी को पंजीकरण कराने वाले व्‍यक्तियों के रिकॉर्ड में प्रत्‍यक्ष रूप से परिवर्तन करने की अनुमति नहीं है।

प्राधिकार कोड क्‍या है और मुझे अपना कोड कहां से मिलेगा?

प्राधिकार कोड एक 6 से 16 अक्षरों वाला कोड है जो रजिस्‍ट्रार द्वारा दिया जाता है। प्राधिकार कोड मूल रूप से डोमेन के लिए पास वर्ड है। प्राधिकार कोड एक सुरक्षा उपाय है जो सुनिश्चित करता है कि केवल डोमेन के स्‍वामी ही इसका स्‍थानांतरण कर सकें।
यदि आप अपना प्राधिकार कोड नहीं जानते हैं तो आप इसे अपने रजिस्‍ट्रार से पूछ सकते हैं। रजिस्‍ट्रार द्वारा यह प्राधिकार कोड पंजीकरण कराने वाले व्‍यक्ति के अनुरोध पर उसे देना अनिवार्य है।

  • प्रायोजक रजिस्‍ट्रार एक ईपीपी कमांड रजिस्‍ट्री को भेज कर अपने प्रायोजित डोमेन के लिए प्राधिकार कोड प्राप्‍त कर सकते हैं। रजिस्‍ट्रार उस डोमेन नेम के लिए प्राधिकार कोड प्राप्‍त करने में सक्षम हैं जिसका प्रायोजन उन्‍होंने किया है।

     
  • NIXI द्वारा इसके पंजीकरणकर्ताओं को प्राधिकार कोड नहीं दिया जाता है। निक्‍सी आपको सलाह देता है कि स्‍थानांतरण के बाद आप अपना प्राधिकार कोड बदल दें। इसके लिए आप नए (प्राप्‍त करने वाले) रजिस्‍ट्रार से संपर्क कर सकते हैं।

मैं अपना डोमेन नेम कैसे स्‍थानांतरित करुं?

रजिस्‍ट्रार से रजिस्‍ट्रार स्‍थानांतरण के लिए :

पंजीकरणकर्ताओं को अपने प्रायोजक रजिस्‍ट्रार के माध्‍यम से अपनी संपर्क सूचना अद्यतन करनी चाहिए। निक्‍सी आपके लिए यह कार्य नहीं कर सकता है और आपको इसके लिए रजिस्‍ट्रार के माध्‍यम से प्रयास करना होगा।

रजिस्‍ट्रार-से-रजिस्‍ट्रार स्‍थानांतरण के लिए :

  1. डोमेन के वर्तमान प्रायोजक रजिस्‍ट्रार से प्राधिकार कोड प्राप्‍त करें। कृपया यह पता लगाने के लिए कि प्रायोजक रजिस्‍ट्रार कौन है WHOIS पर देखें।
  2. जब आपको प्राधिकार कोड प्राप्‍त हो जाता है तो इसे नए (पाने वाला) रजिस्‍ट्रार कोड दें।
  3. नया (पाने वाला) रजिस्‍ट्रार तब स्‍थानांतरण की प्रक्रिया आरंभ करेगा। एक बार आरंभ होने के बाद स्‍थानांतरण का कार्य पांच 24 घण्‍टे की अवधि में पूरा हो जाएगा।
  4. निक्‍सी का परामर्श है कि स्‍थानांतरण के बाद आप अपना प्राधिकार कोड बदल लें। आप नए रजिस्‍ट्रार के माध्‍यम से इसे कर सकते हैं।


WHOIS के बार बार पूछे जाने वाले प्रश्‍नों में डोमेन की स्थिति

.IN डोमेन में WHOIS पूछताछ के परिणामों में स्‍टेटस का क्‍या अर्थ है?

WHOIS की स्थिति परिभाषा
पेंडिंग डिलीट रेस्‍टोरेबल एक पंजीयक द्वारा रजिस्‍ट्री से डोमेन को डिलीट करने के लिए
डिलीट कमांड देने के बाद 30 दिन की अवधि। डोमेन के साथ जुड़ी सभी इंटरनेट सेवाएं डिसेबल हो जाती हैं। इस अवधि के दौरान एक पंजीयक डोमेन को रेस्‍टोर करने का अनुरोध जमा कर सकते हैं।
ओके यह एक डोमेन के लिए सामान्‍य स्थिति है जिसमें कोई पेंडिंग ऑपरेशन या प्रोहिबिशन नहीं है।
निष्क्रिय डोमेन के साथ कोई नेम सर्वर जुड़ा नहीं है। जोन में पब्लिश करने से पहले न्‍यूनतम एक (1) नेम सर्वर इस डोमेन के साथ जोड़ना अनिवार्य है।
पेंडिंग ट्रांसफर डोमेन के ट्रांसफर का अनुरोध प्राप्‍त करने वाले पंजीयक द्वारा जमा किया जाता है, ट्रांसफर पूरा नहीं हुआ है।

पंजीकरण कराने वाले व्‍यक्तियों को डोमेन की स्थिति के बारे में प्रश्‍न पूछने के लिए सीधे पंजीयक से संपर्क करना चाहिए।

WHOIS स्‍टेटस में "क्‍लाइंट" का क्‍या अर्थ है?

यदि "क्‍लाइंट" का स्‍टेटस प्रोहिबिटेड कहा जाता है तो यह स्‍टेटस पंजीयक द्वारा तय किया जाता है और इसे केवल पंजीयक द्वारा ही हटाया जा सकता है। पंजीकरण कराने वाले व्‍यक्ति को इसे बदलवाने के लिए सीधे पंजीयक से संपर्क करना होगा। एक पंजीयक क्‍लाइंट स्थिति के उदाहरण हैं :

WHOIS की स्थिति परिभाषा
क्‍लाइंट ट्रांसफर प्रोहिबिटेड पंजीयक एक डोमेन के ट्रांसफर की अनुमति नहीं
देता है।
क्‍लाइंट रीन्‍यू प्रोहिबिटेड पंजीयक एक डोमेन के रीन्‍यू की अनुमति नहीं
देता है।
क्‍लाइंट डिलीट प्रोहिबिटेड पंजीयक एक डोमेन के डिलीशन की अनुमति नहीं
देता है।
क्‍लाइंट अपडेट प्रोहिबिटेड पंजीयक एक डोमेन के अपेडट या संशोधन की अनुमति
नहीं देता है
क्‍लाइंट होल्‍ड पंजीयक एक डोमेन के जोन को पब्लिश की अनुमति
नहीं देता है

WHOIS स्‍टेटस में निम्‍नलिखित स्‍टेटस का क्‍या अर्थ है?

यदि स्‍टेटस प्रोहिबिटेड है तो यह स्‍टेटस रजिस्‍ट्री द्वारा तय किया गया है और इसे केवल रजिस्‍ट्री द्वारा हटाया जा सकता है। पंजीकरण कराने वाले व्‍यक्ति को रजिस्‍ट्री द्वारा तय प्रोहिबिटेट स्‍टेटस के बारे में प्रत्‍यक्ष पूछताछ पंजीयक से करनी चाहिए और उसे बदलवाना चाहिए। एक रजिस्‍ट्री स्‍टेटस के कुछ उदाहरण हैं :

WHOIS की स्थिति परिभाषा
ट्रांसफर प्रोहिबिटेड रजिस्‍ट्री एक डोमेन के ट्रांसफर की अनुमति नहीं देता है।
रीन्‍यू प्रोहिबिटेड रजिस्‍ट्री एक डोमेन के रीन्‍यूवल की अनुमति नहीं देता है।
डिलीट प्रोहिबिटेड रजिस्‍ट्री एक डोमेन के डिलीशन की अनुमति नहीं देता है।
अपडेट प्रोहिबिटेड रजिस्‍ट्री एक डोमेन के सभी अपडेट की अनुमति नहीं देता है।
होल्‍ड रजिस्‍ट्री एक डोमेन के जोन को पब्लिश की अनुमति नहीं देता है

यदि डोमेन स्‍टेटस के बारे में अतिरिक्‍त जानकारी की जरूरत है तो मैं किससे संपर्क करुं?

पंजीकरण कराने वाले व्‍यक्ति को डोमेन स्‍टेटस के विषय में प्रश्‍न पूछने के लिए सीधे पंजीयक से संपर्क करना चाहिए।

रिडम्‍प्‍शन ग्रेस अवधि पर बार बार पूछे जाने वाले प्रश्‍न

रिडेम्‍प्शन ग्रेस अवधि (आरजीपी) क्‍या है?

आरजीपी एक ऐसी सेवा है जो पंजीयक को एक .IN डोमेन नेम को रेस्‍टोर करने की अनुमति देती है जिसे सोचे समझे बिना डिलीट किया गया है। आरजीपी एक 30 दिन की अवधि है जो उस समय शुरू होते हैं जब पंजीयक अनुरोध करता है कि रजिस्‍ट्री द्वारा एक डोमेन नेम को डिलीट कर दिया जाए। जब डोमेन नेम आरजीपी में है तो इसकी स्थिति को पेंडिंग डिलीट रेस्‍टोरेबल और होल्‍ड के तौर पर रखा जाता है। जब एक डोमेन नेम आरजीपी में प्रवेश करता है तो इसे .IN जोन फाइल से हटा दिया जाता है। इसके परिणाम स्‍वरूप डोमेन नेम द्वारा दी जाने वाली कोई भी इंटरनेट सेवाएं डिसेबल हो जाएंगी (उदाहरण के लए ई-मेल या एक वेबसाइट)। पंजीकरण कराने वाले व्‍यक्ति को प्रायोजन डोमेन पंजीयक के माध्‍यम से डोमेन रेस्‍टोर कराने की इच्‍छा होने पर तत्‍काल कार्रवाई करनी होंगी। आरजीपी की 30 दिन की अवधि पूरी होने पर डोमेन नेम रिडेम्‍प्‍शन होल्‍ड अवधि (आरएचपी) में प्रवेश करता है।

रिडेम्‍प्शन होल्‍ अवधि (आरएचपी) क्‍या है?

यदि एक पंजीयक डोमेन नेम को डिलीट कर देता है और 30 दिनों की आरजीपी के दौरान इस डोमेन नेम को रेस्‍टोर करने का अनुरोध नहीं करता है तो यह आरएचपी में प्रवेश कर जाता है। आरएचपी पांच दिनों तक चलता है और इस समय के दौरान डोमेन नेम लॉग कर दिया जाता है और इसे रेस्‍टोर नहीं किया जा सकता। इन पांच दिनों के बाद यह पंजीकरण के लिए उपलब्‍ध हो जाता है। एक बार डोमेन नेम के प्रवेश हो जाने के बाद पूर्व पंजीकरण कराने वाला व्‍यक्ति रेस्‍टोर करने का अनुरोध नहीं कर सकता है। जब एक डोमेन नेम आरएचपी में है, इसका स्‍टेटस पेंडिंग डिलीट शैड्यूल्‍ड फॉर रिलीज एण्‍ड होल्‍ड के रूप में सूचीबद्ध किया जाता है।

मुझे कैसे पता चलेगा यदि एक डोमेन नेम आरजीपी में है?

यदि एक डोमेन नेम आरजीपी में है तो WHOIS में ''स्‍टेटस'' फील्‍ड डोमेन नेम को ''पेडिंग डिलीट रेस्‍टोरेबल और होल्‍ड'' दर्शाएगा। डोमेन नेम के साथ जुड़ी सभी इंटरनेट सेवाएं डिसेबल्‍ड रहेंगी।

मुझे कैसे पता चलेगा यदि एक डोमेन नेम आरएचपी में है?

यदि एक डोमेन नेम आरएचपी में है तो WHOIS में ''स्‍टेटस'' फील्‍ड डोमेन नेम को ''पेडिंग डिलीट शैड्यूल्‍ड फॉर रिलीज और होल्‍ड'' दर्शाएगा।

मेरे डोमेन नेम को आरजीपी में रखा गया है। मैं इसे कैसे रिडीम कराऊं?

यदि आपका डोमेन नेम आरजीपी में रखा गया है कि तो इसका कारण है कि आपके पंजीयक ने इसे डिलीट करने का अनुरोध किया है। यदि आप डोमेन नेम को रीडीम करना चाहते हैं तो आपको तुरंत अपने पंजीयक से संपर्क करना चाहिए।

डोमेन नेम के लिए प्रायोजक पंजीयक (जैसा कि WHOIS) में दर्शाया गया है) एक मात्र पंजीयक है जो इसे रेस्‍टोर कर सकते हैं। आपके डोमेन नेम को .IN रजिस्‍ट्री प्रत्‍यक्ष रूप से रेस्‍टोर नहीं कर सकती है। यह केवल प्रायोजन करने वाले पंजीयक को विशिष्‍ट अनुदेश दे सकती है। कृपया नोट करें कि आपके पंजीयक डोमेन नेम को रेस्‍टोर करने के लिए शुल्‍क ले सकते हैं।

मुझे कैसे पता चलेगा कि एक डोमेन नेम दोबारा पंजीकरण के लिए जारी किया गया है?

पंजीकरण हेतु जारी किए जाने वाले डोमेन नेम के लिए 30 दिन का आरजीपी और 5 दिन का आरएचपी पूरा होना अनिवार्य है। कुल मिलाकर एक डोमेन नेम को एक पंजीयक द्वारा डिलीट करने के 35 दिन बाद पुन: पंजीकरण के लिए जारी किया जा सकता है, बशर्ते कि आरजीपी के दौरान रजिस्‍ट्री में इसे रेस्‍टोर करने के लिए कोई अनुरोध प्राप्‍त नहीं होता है। डिलीट किए गए डोमेन नेम की तिथि की गणना पंजीकरण करने के लिए उपलब्‍ध होगी, जिसके लिए WHOIS में दर्शाई गई तिथि ''अंतिम अद्यतन'' में 35 दिन जोड़ें।

यदि मेरा डोमेन नेम आरजीपी में है तो क्‍या यह कार्य कर सकेगा?

नहीं। एक बार डोमेन नेम को आरजीपी में रखा जाता है तो उस डोमेन नेम के लिए कोई इंटरनेट सेवाएं कार्य नहीं करेंगी।

क्‍या यदि मेरा डोमेन नेम आरजीपी होने पर भी मैं ई-मेल प्राप्‍त कर सकता हूं?

नहीं। एक बार डोमेन नेम को आरजीपी में रखा जाता है तो उस डोमेन नेम सहित ई-मेल के लिए कोई इंटरनेट सेवाएं कार्य नहीं करेंगी।

मेरे पंजीयक की ओर से आरजीपी के जरिए मेरे डोमेन नेम को रिडीम करने के लिए प्रभार क्‍यों लिया जा रहा है?

.IN रजिस्‍ट्री द्वारा ऐसे किसी शुल्‍क का निर्धारण नहीं किया जाता है जो पंजीयक द्वारा ग्राहकों से लिया जाए। जबकि पंजीयक हर बार आरजीपी प्रक्रिया आरंभ करने के लिए अतिरिक्‍त लागत व्‍यय करते हैं। पंजीयक अपने स्‍वयं निर्णय पर आरजीपी के माध्‍यम से एक डोमेन नेम को रेस्‍टोर करने के लिए शुल्‍क ले सकते हैं। आपको प्रभारित किए जाने वाले शुल्‍क के बारे में पूछताछ के लिए अपने पंजीयक से संपर्क करना चाहिए।

मेरा डोमेन नेम आरएचपी (पेंडिंग डिलीट शैड्यूल्‍ड फॉर रिलीज) में है। मैं इसे रेस्‍टोर क्‍यों नहीं कर सकता हूं?

जब डोमेन नेम के लिए 30 दिन का आरजीपी पूरा हो जाता है तो इसे रेस्‍टोर नहीं किया जा सकता है। डोमेन नेम की पेंडिंग उपलब्‍धता के विषय में पंजीयकों के लिए आरएचपी एक सूचना अवधि के तौर पर कार्य करता है।

क्‍या मुझे आरजीपी शुल्‍क के अलावा नवीकरण शुल्‍क भी देना होगा? क्‍या मेरे पंजीकरण पर बचे हुए समय को मैं खो दूंगा?

यदि एक डोमेन नेम एक्‍सपायर होने से पहले डिलीट हो जाता है और आरजीपी में प्रवेश करता है और उसके बाद रेस्‍टोर किया जाता है तो पंजीयक के खाते में आरजीपी शुल्‍क और एक साल का नवीकरण शुल्‍क डेबिट किया जाता है। यदि डोमेन नेम डिलीशन तथा आरजीपी में प्रवेश से पहले एक्‍सपायर नहीं होता है और इसे रेस्‍टोर किया जाता है तो आरजीपी शुल्‍क पंजीयक के खाते में डेबिट किया जाता है, किन्‍तु नवीकरण शुल्‍क केवल तभी लिया जाता है जब नवीकरण का विशिष्‍ट अनुरोध किया जाता है या डोमेन को 45 दिन की ऑटो-रीन्‍यू ग्रेस अवधि के अंदर डिलीट कर दिया जाता है। जब सभी वाणिज्यिक रूप से उचित हैं तो डोमेन नेम को पूर्व स्थिति में लाया जाता है। यह प्रत्‍येक पंजीयक पर निर्भर है कि वे एक आरजीपी शुल्‍क के अलावा पंजीकरण कराने वालों से नवीकरण शुल्‍क लें।

मुझे आरजीपी के लिए आईसीएएनएन आवश्‍यकताओं के बारे में अधिक जानकारी कहां से मिल सकती है?

आईसीएएनएन वेबसाइट पर। कृपया अधिक जानकारी के लिए आरएफसी 3915 भी देखें।

आपके .IN डोमेन की सुरक्षा

.IN रजिस्‍ट्री ने .IN डोमेन स्‍वामियों के लिए उन्‍हें अपने डोमेन नेम की सुरक्षा हेतु सहायता के लिए निम्‍नलिखित परामर्शिका तैयार की है। कृपया इसे अपने ग्राहकों को देने के लिए नि:संकोच उपयोग करें।

आपके .IN डोमेन नेम के पंजीकरण और अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के बाद यह समझना आपके लिए महत्‍वपूर्ण है कि आप अपने .IN डोमेन नेम को कैसे सुरक्षित रखें।

आपके .IN डोमेन नेम में मौद्रिक संदर्भ में तथा .IN पहचान होने के जरिए आपके द्वारा भेजे गए संदेश के संदर्भ में महत्‍व है। इस बात के अवसर हैं कि आप अपना डोमेन नेम किसी ऐसे समूह या व्‍यक्ति को नहीं देंगे जो किसी ऐसे उत्‍पाद या सेवाओं को प्रोत्‍साहन देते हैं जो आपके मिशन के प्रतिकूल हैं और न ही आप उत्‍पादों या सेवाओं के व्‍यापारों में अपने .IN डोमेने नेम के जरिए इनकी बिक्री करना चाहेंगे जिन्‍हें आप उपयुक्‍त नहीं मानते हैं। यही कारण है कि .IN रजिस्‍ट्री आपको यह सुनिश्चित करने में सहायता करना चाहती है कि .IN डोमेन नेम अनचाहे गलत हाथों में न पड़ जाए।

हाल में एक्‍सपायर हुए डोमेन के पंजीकरण से ऐसे अनेक मामले हुए हैं जहां एक्‍सपायर हुए डोमेन नेम का पंजीकरण तथा उपयोग एक ऐसे रूप में किया गया जो मूल स्‍वामी की अवधारणा और मिशन के प्रतिकूल है।

प्रत्‍येक दिवस अनेक .IN डोमेन नेम उपलब्‍ध होते हैं क्‍योंकि डोमेन धारकों की संख्‍या बहुत अधिक है, जिन्‍हें पंजीकरणकर्ता कहते हैं और इन्‍हें एक्‍सपायर होने दिया जाता है या इन्‍हें ज्ञान नहीं होता कि डोमेन नेम का नवीकरण किया जाना है। और प्रति दिन ये .IN डोमेन नेम उन कंपनियों और व्‍यक्तियों के लिए सुभेद्य बन जाते हैं जो इनका वास्‍तविक उपयोग या अर्थ जाने बिना आर्थिक लाभ के लिए इनका गलत उपयोग करते हैं। एक्‍सपायर हो चुके डोमेन नेम प्राप्‍त करने की प्रक्रिया परिष्कृत, स्‍वचालित और लगातार लोकप्रिय बन गई है। मूल .IN डोमेन धारकों पर परिणाम गंभीर हो सकते हैं।

हमारा मानना है कि आपके .IN डोमेन नेम को सुरक्षित रखने का सबसे अच्‍छा तरीका इसके लिए सक्रिय और निवारणात्‍मक उपाय करना है।

अपने .IN डोमेन नेम को सुरक्षित रखने के लिए आज ही इन सरल कदमों को देखें :

1. आपके .IN डोमेन नेम के पंजीकरण का सत्‍यापन

यदि आपने अपने .IN का पंजीकरण कराया है या आपके संगठन में कोई और व्‍यक्ति इसके पंजीकरण के लिए जिम्‍मेदार है, यह जानना अनिवार्य है कि आप या आपके संगठन का कोई अधिकृत प्रतिनिधि इसका सत्‍यापन करें कि इसे एक पंजीकरणकर्ता के नाम पर पंजीकृत किया गया है। इसके लिए WHOIS (http://www.registry.in/whois_search)
पर जाना पहला अच्‍छा कदम है। इसके बाद आप यहां अपने .IN डोमेन के लिए पंजीकरणकर्ता का नाम, प्रशासनिक संपर्क और तकनीक संपर्क देख सकते हैं। आप पंजीयक का नाम भी देख सकते हैं जिसके जरिए आपके .IN डोमेन का पंजीकरण किया गया था।

2. प्रशासनिक संपर्क की सूचना का सत्‍यापन और अ‍द्यतनीकरण नियमित रूप से करें।

इसे .IN डोमेन नेम सूचना के नियमित सत्‍यापन और अद्यतनीकरण को संगठन की नीति बनाने पर विचार करें। यदि यह आपका दायित्‍व है कि सूचना को अद्यतन रखें तो इसे वर्ष में दो बार सत्‍यापन के लिए अपने कैलेण्‍डर पर लगाएं। यदि यह किसी अन्‍य कर्मचारी सदस्‍य का दायित्‍व है तो उन्‍हें यह कार्य वर्ष में दोबार करने का अनुदेश दें। वास्‍तव में डोमेन सूचना की जांच करने के लिए दो कर्मचारी सदस्‍यों को जिम्‍मेदार बनाना बेहतर है। आपके .IN डोमेन से संबंधित कोई सूचना, जिसे बदलने की जरूरत है, इसे अपने पंजीयक के साथ संपर्क और कार्य करते हुए अद्यतन किया जाए।

3. जांच करें कि ई-मेल संपर्क सूचना वैध है।

पंजीयक ऐसे संगठन है जो जनता को पंजीकरण सेवाएं प्रदान करते हैं और इसका सबसे सामान्‍य तरीका है कि वे ई-मेल द्वारा डोमेन नेम नवीकरण की जानकारी .IN पंजीकरणकर्ताओं को भेजते हैं। यदि आपके पास ई-मेल द्वारा पहुंचना संभव नहीं है तो ऐसा हो सकता है कि आपकी जानकारी के बिना आपका डोमेन नेम एक्‍सपायर हो जाए। अंत: यह अनिवार्य है कि आपके पंजीयक के पास आपका मौजूदा ई-मेल पता होना चाहिए। आप देख सकते हैं कि आपके .IN डोमेन नेम http://www.registry.in पर WHOIS सूचना में आपका कौन सा ई-मेल पता है और आप अपने पंजीयक के साथ संपर्क और बातचीत द्वारा अपने ई-मेल द्वारा संपर्क के पते को अद्यतन बना सकते हैं।

4. अपने .IN को अधिकतम समय के लिए पंजीकरण कराएं

एक .IN डोमेन नेम की अधिकतम पंजीकरण अवधि 10 वर्ष है। आपके .IN डोमेन नेम को नवीकरण के समय या आरंभिक पंजीकरण के समय अधिक से अधिक अवधि के लिए पंजीकरण कराने पर विचार करें।

5. अपने पंजीयक से आपके डोमेन नेम पर क्‍लाइंट अपडेट, क्‍लाइंट ट्रांसफर प्रोहिबिटेड स्‍टेटस डालने के लिए कहें ताकि इसे केवल तभी अपडेट और ट्रांसफर किया जा सके जब आप चाहें।

क्‍लाइंट अपडेट और क्‍लाइंट ट्रांसफर प्रोहिबिटेड डोमेन नेम स्‍टेटस का अर्थ है कि आपका डोमेन नेम ''लॉक्‍ड'' है और इसे जब तक कथित स्‍टेटस को हटाया न जाए ट्रांसफर या अपडेट नहीं किया जा सकता है।

6..IN डोमेन ट्रांसफर और आरजीपी पर बार बार पूछे जाने वाले प्रश्‍नों के लिए http://www.registry.in/faqs/देखें